सावधान आज का हर मनुस्य जिस व्यवस्था की बात करता हें वह स्वं वैद तपोनिस्ट पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा कही गई बात [ हम बदलेंगे युग बदलेगा -हम सुधरेंगे युग सुधरेगा ]
मेरा भाव
१ में भ्र्रस्ट हु, अब धीरे धीरे सुधरने का पर्यतन कर रहा हु| में सत्यवादी हरिश्चंद्र नहीं बनना चाहता लेकिन उनके पथ पर अवस्य चलूँगा | मेरे स्वछ विचार से मेरा घर आंगन परिवार सभी में ताजगी आरही हे | मेरा मन निर्मल हो रहा हे ,में स्वस्थ और सुन्दर हु
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