बुधवार, 3 अगस्त 2011

सावधान

    सावधान आज का हर मनुस्य जिस व्यवस्था की बात करता हें वह स्वं वैद तपोनिस्ट पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा कही गई बात     [ हम बदलेंगे युग बदलेगा -हम सुधरेंगे युग सुधरेगा ]

                                  मेरा भाव 

१ में भ्र्रस्ट हु, अब धीरे धीरे सुधरने का पर्यतन कर रहा हु|  में सत्यवादी हरिश्चंद्र नहीं बनना चाहता लेकिन उनके पथ पर अवस्य चलूँगा | मेरे स्वछ विचार से मेरा घर आंगन परिवार सभी में ताजगी आरही हे | मेरा मन निर्मल हो रहा हे ,में स्वस्थ और सुन्दर हु 

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